राफेल डील : शीर्ष अदालत ने सुनी सभी पक्षों की दलील, फैसला रखा सुरक्षित

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National News / राष्ट्रीय समाचार

नई दिल्ली। राफेल लड़ाकू विमान सौदे से जुड़े मामले में देश की शीर्ष अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। भारतीय वायु सेना के लिए फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदे जाने के मामले की न्यायालय की निगरानी में जांच के लिए दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। 

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया द्वारा तलब ​करने पर वायुसेना के अधिकारी भी कोर्ट पहुंचे। एयर वाइस मार्शल चलपति ने सीजेआई रंजन गोगोई के सवालों का जवाब देते हुए राफेल की जरूरत के बारे में बताया। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि फ्रांस की सरकार ने 36 विमानों की कोई गारंटी नहीं दी है लेकिन पीएम ने लेटर आॅफ कम्फर्ट जरूर दिया है।

इसके अलावा विपक्ष को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा कि याचिकाकर्ताओं को राफेल की कीमत की बारे में अभी कोई जानकारी न दी जाए। जब तक न्यायालय इजाजत न दे तब तक इस मामले पर चर्चा भी नहीं होनी चाहिए। 

बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय में राफेल सौदे में गड़बड़ियों का आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर अहम सुनवाई की। इस दौरान याचिकाकर्ताओं ने इस सौदे को लेकर केंद्र पर कई आरोप मढ़े। याचिकाकर्ता के वकील एमएल शर्मा ने अदालत को जानकरी दी कि सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक मई 2015 के बाद निर्णय लेने में कई गंभीर घोटाले किये गये है। साथ ही याचिकाकर्ता ने मांग की है कि पांच जजों की बेंच इस पर सुनवाई करे।

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