राहुल गांधी ने आरएसएस पर साधा निशाना, भागवत बोले हर 5 साल में बदल सकती है सरकार

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National News/भारत के समाचार 

नई दिल्ली। देश में लोकसभा के चुनाव चल रहे ऐसे में पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर लगातार हमले करते रहते हैं मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश बीजेपी और आरएसएस की ओर से ‘हमले का सामना’ कर रहा है जो अपनी आवाज के अलावा अन्य सभी आवाजों को दबाना चाहते हैं। गांधी ने केरल में कोल्लम जिले के सेंट स्टीफन कॉलेज मैदान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में देश के लोगों का शासन होना चाहिए। 

भारत में लोगों का शासन होना चाहिए, राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वर्तमान समय में हमारा देश बीजेपी और आरएसएस की ओर से हमले का सामना कर रहा है। वे अपनी आवाज के अलावा अन्य सभी आवाजों को दबाना चाहते हैं। राहुल ने कहा कि भारत में केवल एक विचार का शासन होना चाहिए जबकि हमारा मानना है कि भारत में लोगों का शासन होना चाहिए। हमारा इसमें विश्वास नहीं है कि भारत में एक व्यक्ति का शासन होना चाहिए। वे कहते हैं कि यदि आप उनके विचारों में विश्वास नहीं करते तो वे आपको नष्ट कर देंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने कहा मोदी कहते हैं कांग्रेस मुक्त भारत। इसका मतलब है कि वह भारत में कांग्रेस के विचार को मिटा देंगे।

संघ, प्रमुख मोहन भागवत बोले हर 5 साल में बदल सकती है सरकार

लोकसभा चुनाव 2019 के बीच राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि यहां हर पांच साल में सरकार बदलने की संभावनाएं हैं ऐसे में सामाजिक संगठनों को मदद के लिए इन पर निर्भर नहीं होना चाहिए। महामहोपाध्याय वीवी मिराशी की 125 वीं जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि सामाजिक और रिसर्च संगठनों को समाज के कल्याण के लिए एक मजबूत और स्रोत की दिशा में काम करना चाहिए।

मोहन भागवत ने कहा कि जो लोग सरकार से बात करना चाहतें हैं, उन्हें इसके लिए संपर्क करना चाहिए लेकिन मुझे नहीं लगता है कि सामाजिक संगठनों की सरकार पर निर्भर होना चाहिए। क्योंकि सरकारें बदलती रहती हैं। मोहन भागवत ने कहा कि पहले राजवती सरकारें 30 से 50 साल में बदलती थी। 

अब यह सम्भावना है कि हर 5 साल में सरकार बदल जाए ऐसे में कोई भरोसा नहीं है। इस दौरान मोहन भागवत ने लोगों के कल्याण के लिए रिसर्च और शिक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ज्ञान प्राप्त करने के लिए विभिन्न उद्देश्य हो सकते हैं। ज्ञान प्राप्त करना स्वयं के हित के लिए या फिर समाज कल्याण के लिए भी हो सकता है।  

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