आरएसएस को मिलेगा नया, सरकार्यवाह

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विराट शर्मा 

लखनऊ। देश का सबसे बड़ा गैर सरकारी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस ने शनिवार को यहां अपने एक सरकार्यवाहक का मनोनयन होगा, अभी चार सरकार्यवाह हैं, और इनमे से दत्तात्रेय होसबले प्रबल दावेदार है, इसके लिए संघ केंद्रीय प्रतिनिधि ओम का उच्चारण करके सहमति जताते हैं बता दें कि हर तीन वर्षों में सह कार्यवाह में से किसी एक को सरकार्यवाह बनाया जाता है। साल 2009 से इस पद पर भैया जी जोशी थे। इस खास कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद होंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के लिए पूरे देश में करीब 3000 प्रचारकों को नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के मुख्यालय में बुलाया गया है।   

कैसे होता है सरकार्यवाह का चयन 

नए सराकार्यवाह की चयन प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही मौजूदा सरकार्यवाह मंच से नीचे उत्तर जाएंगे इसके बाद चयन अधिकारी सबसे वरिष्ठ सह सरकार्यवाहक के मनोनयन कस एलान करते हैं, इसके लिए नाम भी मांगे जाते हैं। इस चयन प्रक्रिया में कंेद्रीय प्रतिनिधि ही सिर्फ वोटे दे सकते हैं, और सबसे बड़ी खास बात यह है कि कोई भी प्रचारक वोटर नहीं होते हैं। लेकिन आमतौर पर सरकार्यवाह का चयन सर्व सम्मति से ही होता है। नए सरकार्यवाह का नाम चयन अधिकारी बताते हैं, और सभी लोगों को ऊॅ का उच्चारण करने के साथ हाथ उठाकर नए सरकार्यवाह का चयन सम्पन्न कराते हैं, जिसके अगले दिन सरसंघचालक औैर कार्याकारणी का एलान करते हैं।  

सरकार्यवाह की भूमिका क्या है, जाने  

आपको बता दें कि सरसंघचालक कहते हैं, और उनकी भमिका एक सलाहकार की होती है। ऐसे में संघ को चलाने के लिए सरकार्यवाह की जरूरत रहती है। संघ में एक ही सरकार्यवाहक होता है और उसे ही महासचिव भी कहते हैं। जो संघ का सबसे बड़ा अधिकारी होता है। 
 

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