RSS नहीं भेजेगा पाकिस्तान को न्योता

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India News / भारत समाचार

नई दिल्ली। 17 सितंबर से शुरु होने जा रहे राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) की लेक्चर सीरीज में मोहन भागवत संघ के विचारों को सारी दुनिया के सामने रखेंगे। दिल्ली में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए कई देशों को आमंत्रित किया जाएगा। खास बात यह है कि जिन देशों को इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित करने की योजना बनाई जा रही है उसमें पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान शामिल नहीं किया जा रहा है।

खबरों के अनुसार आरएसएस एशिया के लगभग सभी देशों के दूतावासों को निमंत्रण भेजेगा लेकिन पाकिस्तान को इस तीन-दिवसीय कार्यक्रम से दूर रखा जाएगा। आरएसएस के कार्यकर्ता ने बताया कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद का समर्थन करता आया है। सीमा पर भारतीय जवानों की हत्या करता है इसलिए संघ ने पड़ोसी मुल्क को इस कार्यक्रम से दूर रखने का फैसला किया है।

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बता दें कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने ​तीन दिवसीय कार्यक्रम में राजनीतिक हस्तियां, धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग, अल्पसंख्यक नेताओं और सेवानिवृत नौकरशाह समेत देश भर की करीब 3,000 हस्तियों को आमंत्रित किया है। यह कार्यक्रम 17 से 19 सितंबर के बीच होने वाला है।

दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले कार्यक्रम में क्षेत्रीय दलों के नेताओं समेत सभी राजनीतिक दलों के लोगों को आमंत्रित किया गया है। सूत्रों के मुताबिक इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता ​मल्लिकार्जुन खड़गे, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और आंध्र प्रदेश के मुखिया चंद्रबाबू नायडू समेत कई दिग्गज शामिल होंगे। 'भविष्य का भारत : संघ की दृष्टि' कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इन लोगों से रुबरु होंगे।

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खबरों के अनुसार आरएसएस ने आमंत्रण पत्र की सूची उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो पहले भी संघ के कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके है। संघ के मुताबिक इस कार्यक्रम के आयोजन का मकसद है कि अधिक से अधिक लोगों को आरएसएस की विचारधारा से रुबरु कराया जा सके।

संघ के एस वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि इस कार्यक्रम में अलग-अलग धर्मों के लोगों को बुलाया जाएगा ताकि संघ को लेकर बने तमाम मिथकों को तोड़ा जा सके। हम किसी को अलग नहीं रखना चाहते है। 

आरएसएस के इस कार्यक्रम को लेकर जिन लोगों को न्यौता भेजा जा रहा है उसकी संघ ने कोई आधिकारिक कोई सूची या उन लोगों के नामों का कोई जिक्र नहीं किया है। वजह यह है कि अगर वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होते है तो उनको लेकर किसी तरह ​का विवाद न हो।

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