7 मंत्रियों के साथ बिप्लब कुमार देब ने ली मुख्यमंत्री की शपथ, प्रधानमंत्री समेत बीजेपी कई वरिष्ठ नेता रहें मौजूद।

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विराट शर्मा

नई दिल्ली। त्रिपुरा में चुनाव सम्पन्न होने के बाद बिप्लव कुमार देब त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। 48 साल के बिप्लव देब ने 6 मार्च को राज्यपाल तथागत राय से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। भारतीय जनता पार्टी और इंडीजीनियस पीपल्स पार्टी ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) गठबंधन ने चुनावों में जीत दर्ज की थी और 25 साल से सत्ता पर काबिज वामदलों को हराया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह समेत कई कैबिनेट मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। 

माणिक सरकार के साथ बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता रहें मौजूद 

इस शपथ समारोह में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और माणिक सरकार भी मौजूद रहें। बिप्‍लव कुमार देब ने अपने साथ 7 मंत्रियों ने भी शपथ लिया जिनमें जिष्‍णु देब वर्मा ने उप मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली तो वहीं नरेंद्र देब बर्मा, रतन लाल नाथ, सुदीप रॉय बर्मन, प्रांजित सिंह रॉय, और मनोज कांति देब ने मंत्री पद की शपथ लिया है। 

25 सालों के अब प्रदेश में भगवा 

उत्तर पूर्व में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में तीनों राज्यों में भाजपा जीती है। नागालैंड और मेघालय में तो भाजपा और सहयोगियों की सरकार बन चुकी है लेकिन त्रिपुरा में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने में भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ रही। आखिरकार त्रिपुरा ही वो राज्य है जहां भाजपा ने पच्चीस साल से सत्ता पर काबिज वामदलों को उखाड़ फेंका और कम्यूनिस्ट विचारधारा को हराने का दावा किया। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए अमित शाह कल ही अगरतला पहुंच गए थे। इससे पहले कल बीजेपी के प्रभारी राम माधव और भावी सीएम बिप्लब कुमार देब अगरतला में सीपीएम के ऑफिस गए। वहां जाकर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में आने का न्योता दिया, जिसे माणिक सरकार ने स्वीकार कर लिया।  

आईपीएफटी के उप मुख्यमंत्री समेत चार और मंत्री 

साठ सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा में अधिकतम बारह मंत्री हो सकते हैं। भाजपा अपने दम पर पैंतीस सीट लाई है, जबकि चुनाव में उसकी सहयोगी रही इंडिजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा यानि आईपीएफटी को आठ सीटें मिली हैं। आईपीएफटी के उप मुख्यमंत्री समेत चार मंत्री पद मांग रही थी लेकिन अब वो दो मंत्री पद पर सहमत हो गई है यानि सीएम, डिप्टी सीएम और आठ मंत्री भाजपा के होंगे। ऐसे में देखना होगा कि आज सबको शपथ दिलाई जाती है या कुछ मंत्री पद खाली रखे जाते हैं। 

जानते हैं, कौन है बिप्लब कुमार देब ? 

सैंतालीस साल के बिप्लब कुमार देब का जन्म 25 नवंबर 1971 में त्रिपुरा के गोमाती जिले में हुआ। उनके पिता हर्धन देब जनसंघ के साथ जुड़े थे। 1999 में ग्रेजुएशन करने के बाद वो दिल्ली आए और आरएसएस से जुड़े। सोलह साल तक उन्होंने गोविंदाचार्य और कृष्णगोपाल शर्मा के गाइडेंस में संघ के साथ काम किया। 2015 में बिप्लब देब त्रिपुरा लौटे और भाजपा के सेंट्रल जन सम्पर्क प्रमुख बने। साल 2016 में उन्हें त्रिपुरा भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया। करीब सवा दो साल बाद उनके नेतृत्व में भाजपा ने पच्चीस साल से त्रिपुरा मे राज कर रही सीएम को हराने में कामयाबी हासिल की और अब इसका इनाम उन्हें मुख्यमंत्री पद के तौर पर मिल रहा है। बिप्लब देब की पत्नी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अफसर हैं और वो एक बेटा और एक बेटी के पिता है।

 

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