शहीन और हादिया की शादी हुई बहाल, केरल लव जेहाद मामला

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विराट शर्मा 

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने केरल लव जिहाद मामले में अपना फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट से हादिया को इंसाफ और आजादी मिली है, साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हादिया और शफीन की शादी को भी बहाल कर दिया है। 

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने 

सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए अपने फैसेले में कहा है कि हादिया और शफीन जहान पति-पत्नी की तरह रह सकते हैं। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने हदिया के पति होने का दावा करने वाले शफीन जहां की याचिका फैसले के लिये अपराह्न दो बजे सूचीबद्ध किया था। इससे पहले, इस महिला के पिता ने शीर्ष अदालत में दावा किया था कि उनके प्रयासों से ही उनकी बेटी को चरमंथियों के नियंत्रण वाले सीरिया के इलाके में भेजने से रोका जा सका है। उनका दावा है कि उसकी बेटी को वहां यौन गुलाम या मानव बम के रूप में इस्तेमाल किया जाना था। 

शीर्ष अदालत ने 22 फरवरी को सवाल किया था।    

हदिया के पिता के एम अशोकन ने नये हलफनामे में दावा किया कि उनकी पुत्री कमजोर वयस्क है और उसने सहजता से ही खुद को अंजानों के समक्ष समर्पित कर दिया जिन्होंने उसे अपने साथ करके रहने की जगह दी और संरक्षण प्रदान किया। हदिया पहले ही शीर्ष अदालत में कह चुकी है कि उसने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म कबूल करके शफीन से शादी की है और वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती है। शीर्ष अदालत ने 22 फरवरी को सवाल किया था कि क्या उच्च न्यायालय दो वयस्कों द्वारा स्वेच्छा से की गई शादी को अमान्य घोषित कर सकता है।

केरल उच्च न्यायालय ने इसे लव जिहाद का उदाहरण बताते हुये हदिया की शादी को अमान्य कर दिया था। इसके बाद ही उसका पति होने का दावा कर रहे शफीन जहां ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर किया गया था। 

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