ISRO की बड़ी सफलता, GSAT-29 हुआ लांच

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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से संचार उपग्रह जीसैट-29 को लांच किया। इसरो का अब तक का सबसे भारी प्रक्षेपण यान GSLV MK3 रॉकेट जीसैट-29 को भू-स्थिर कक्षा में स्थापित किया।

इस उपग्रह को शाम 5 बजकर 8 मिनट पर लांच किया गया। इस संचार उपग्रह जीसैट-29 को लांच करने के लिए GSLV MK3 रॉकेट का प्रयोग किया जा रहा है। इस साल यह इसरो का पांचवां लांच होगा।

इस उपग्रह में पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर सहित देश के दूर-दराज इलाकों को लेकर उच्च गति से आंकड़ों के हस्तांदतरण की क्षमता होगी। इस उपग्रह का जीवनकाल दस वर्ष से अधिक होगा। 

संचार उपग्रह GSAT-29 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने कहा, 'इसका क्रेडिट इसरो की पूरी टीम को जाना चाहिए। इस शानदार उपलब्धि के लिए मैं पूरी टीम को बधाई देता हूं।'

GSLV MK3 रॉकेट की यह दूसरी परीक्षण उड़ान है। अगले वर्ष जनवरी में होने वाले चंद्रयान-2 मिशन में इसी रॉकेट का प्रयोग होना है। चार टन भारी प्रक्षेपण यान में तीन चरण हैं। पहले चरण में सॉलिड स्ट्रैप ऑन मोटर लगी है।

बीच के चरण में तरल ईंधन का प्रयोग होगा और ऊपरी हिस्से में क्रायोजेनिक इंजन लगा है। मल्टी-बीम और हाई-थ्रुपुट संचार उपग्रह जीसेट -29 में केयू और केए बैंड ट्रांसपोंडर लगे हैं। उपग्रह विज्ञान में विकसित प्रौद्योगिकियों के प्रयोग के लिए इसमें कुछ अन्य सिस्टम भी हैं। 

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