टांसपोर्टरों की हड़ताल से थम गये देश भर में ट्रकों के पहिए

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भारत के समाचार/ India News 
 

यूपी के 50 हजार टांसपोर्टर भी हड़ताल में शामिल,पेट्रोल-डीजल के दामों को जीएसटी में लाने की मांग

 नई दिल्ली/लखनऊ। पेट्रोल डीजल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने व केंद्रीय व राज्य के करों को कम करने की मांग को लेकर देश भर के ट्रांसपपोर्टरों की हड़ताल से शुक्रवार से देश भर में चक्का जाम हो गया हड़ताल का असर राजधानी दिल्ली के साथ ही यूपी की राजधानी लखनऊ में भी दिखा। ट्रांसपोर्टरों की सबसे बड़ी यूनियन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने अपनी मांगों को लेकर सरकार की तरफ से मिल रहे आश्वासनों से तंग आकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी।

एआईएमटीसी का कहना है कि शुक्रवार यानि आज सुबह 6 बजे से देश भर में चक्काजाम हो गया है और ये हमारी मांगे माने जाने तक जारी रहेगा ट्रांसपोर्टर्स की देश व्यापी हड़ताल का आज पहला दिन है इस हड़ताल में उत्तर प्रदेश के भी करीब 50 हजार ट्रांसपोर्टर शामिल है।

 

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लखनऊ में भी ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का बड़ा असर देखने को मिला।आज से शुरू हुई ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चित कालीन हड़ताल के पहले दिन ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम किया। ट्रांसपोर्टर्स डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने,डीजल की कीमतों को कम किये जाने  समेत अपनी तमाम मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर गये हैं।

यूपी के करीब 50 हजार ट्रांसपोर्टर के  हड़ताल में शामिल होने से संभावना जताई जा रही है इसका सीधा असर आम लोगो पर पड़ेगा तमाम रोजमर्रा की इस्तमाल की चीजे महंगी होगी।हड़ताल का सीधा असर खाने पीने की सब्जियां,फल समेत  तमाम चीजों पर पड़ेगा।

सबसे बड़ा मुद्दा है डीजल को जीएसटी के दायरे में लाकर और केंद्रीय एवं राज्य के करों में कटौती के माध्यम से इसकी कीमतों में कमी करना इनकी मांगों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हर रोज नहीं बल्कि 3 महीने में संशोधन हो, ट्रांसपोर्टर के लिए टोल बेरियर मुक्त हो,थर्ड पार्टी बीमा में जीएसटी में छूट दी जाए और ट्रांसपोर्ट व्यापार पैट टीडीएस खत्म किया जाए हैं।

 

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यूनियन का कहना है कि हम टोल राजस्व के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि हम इसके कलेक्शन की कार्यप्रणाली के खिलाफ हैं,जो खामियों से भरा और गैर-पारदर्शी है यूनियन का दावा है कि इस हड़ताल में देश भर के 95 लाख ट्रकों का चक्का जाम रहेगा।
 

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