विशेष राज्यों के दर्जे वाली मांग, मोदी सरकार को भारी न पड़ जाए

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विराट शर्मा 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार से विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग लगातार कई राज्यों से उठ रही है, उन राज्यों में राजस्थान का नाम भी शामिल है। आंध्र प्रदेश के अलावा बिहार, ओडिशा और गोवा की सरकारें लगातार विशेष राज्य के दर्ज की मांग उठा रही है। 

रघुराम राजन समिति ने उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्यप्रदेश को बेहद पिछड़ा करार दिया था, तभी से लागातार ये राज्य भी विशेष दर्जों की मांग उठाते रहे है। 

टीडीपी ने केंद्र और आंध्र प्रद्रेश में भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन तोड़ लिया है, और उनके केंद्र सरकार में शामिल दोनों मंत्रियों ने गुरुवार को अपना इस्तीफा दे दिया है। एनडीए सरकार से अलग होने के बाद मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा को संबोधित किया और उन्होंने पार्टी के इस फैसले को सही बताया। 

5 अन्य राज्य भी ये दर्जा मांग रहे हैं। 

टीडीपी ने यह निर्णय आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने से लिया है। उधर, अब जनता दल यूनाईटेड ने एक बार फिर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग की है। जेडीयू ने टीडीपी का समर्थन भी किया है। देश में 29 राज्यों में से 11 को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है। पांच अन्य राज्य भी ये दर्जा मांग रहे हैं, जिनमें राजस्थान भी शामिल है। 

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