आज सोमवती अमावस्या के दिन करेंगे इनमें से कोई भी उपाय तो, विपदाएं होगी दूर, सफलताओं के खुलेंगे द्वार,

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सोमवती अमावस्या Somvati Amavasya को अत्यंत पुण्य तिथि माना जाता है। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या Somvati Amavasya के दिन किये गए किसी भी प्रकार के उपाय शीघ्र ही फलीभूत होते है । सोमवती अमावस्या Somvati Amavasya के दिन उपाय करने से मनुष्यों को सभी तरह के शुभ फल प्राप्त होते है, अगर उनको कोई कष्ट है तो उसका शीघ्र ही निराकरण होता है और उस व्यक्ति तथा उसके परिवार पर आने वाले सभी तरह के संकट टल जाते है।

भगवान चन्द्र को शास्त्रों में मन का कारक माना गया है। अत: इस दिन अमावस्या पड़ने का अर्थ है कि यह दिन मन सम्बन्धी दोषों के समाधान के लिये अति उत्तम है। 

चूंकि हमारे शास्त्रों में चन्द्रमा को ही समस्त दैहिक, दैविक और भौतिक कष्टों का कारक माना जाता है। 

सोमवती अमावस्या Somvati Amavasya के ब्रत को भीष्म पितामह ने 'ब्रत शिरोमणि' अर्थात 'ब्रतराज' कहा है।  अत: पूरे वर्ष में एक या दो बार पड़ने वाले इस दिन का बहुत विशेष महत्व है।

विवाहित स्त्रियों द्वारा इस दिन अपने पतियों के दीर्घायु कामना के लिए व्रत का विधान है।

2018 में सोमवती अमावस्या ( 2018 me somwati amavasya ) केवल एक ही बार बैसाख माह में 16 अप्रैल सोमवार के दिन पड़ रही है। 

सोमवती अमावस्या 15 अप्रेल को सुबह 8 बजकर 39 मिनट से शुरू होगी, जो सोमवार सुबह 7 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। 

इस बार सोमवती अमावस्या पर सूर्य-चंद्रमा मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में रहेंगे। वैशाख मास और अश्विनी नक्षत्र का ये संयोग 17 साल बाद बन रहा है। इसके बाद ऐसा शुभ संयोग 10 साल बाद 24 अप्रैल 2028 को बनेगा।

अमावस्या में किये जाने वाले उपाय बिलकुल चुपचाप और पूर्ण विश्वास से करने चाहिए । 

जानिए अमावस्या के उपाय ( Amavasya ke upay ), अमावस्या के अचूक उपाय ( Amavasya ke achuk upay )

अमावस्या ( Amavasya ) के दिन एक सूखा नारियल (गरी गोला) लेकर उसमे एक छेद करके उसे बूरा चीनी ( महीन चीनी ) से भर दें, फिर उसे किसी निर्जन स्थान पर पेड़ के नीचे जहाँ पर चीटियाँ हो वहां पर गाढ दे यह ध्यान रखे की नारियल का खुला हिस्सा धरती के उपर ही रहें, इसके बाद वापिस मुड कर न देखें। 

यह बहुत ही अमोघ उपाय है, इस उपाय से विपत्तियाँ दूर रहती है, सुख - समृद्धि , हर्ष एवं यश की प्राप्ति होती है। 

अमावस्या के दिन खीर बनाकर उसे दो दोने या पत्तल पर निकाल लें । फिर एक जगह खीर शिवलिंग पर चढ़ाएं, फिर दूसरे खीर के दोने को पीपल के पेड़ के नीचे रखकर पीपल पर हाथ जोड़कर वापस आ जाएँ। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते है , पितरो का भी आशीर्वाद मिलता है। 

अमावस्या के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए सांय काल घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। उसमें बत्ती में रूई की जगह   लाल रंग के धागे का उपयोग करें। उस दीये में थोड़ी-सी केसर भी अवश्य ही डाल दें। इससे माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।

अमावस्या ( amavasya ) के दिन काले कुत्ते को कड़वा तेल लगाकर रोटी खिलाएं। इससे ना केवल दुश्मन शांत होते है वरन आकस्मिक विपदाओं से भी रक्षा होती है ।

अमावस्या  ( amavasya ) के दिन अपने घर के दरवाजे के ऊपर काले घोड़े की नाल को स्थापित करें। ध्यान रहे कि उसका मुंह ऊपर की ओर खुला रखें। लेकिन दुकान या अपने आफिस के द्वार पर लगाना हो तो उसका खुला मुंह नीचे की ओर रखें। इससे नज़र नहीं लगती है और घर में स्थाई सुख समृद्धि का निवास होता है ।

अमावस्या (  amavasya ) की तिथि को कोई भी नया कार्य, यात्रा, क्रय-विक्रय तथा समस्त शुभ कर्मों को निषेध कहा गया है, इसलिए इस दिन इन कार्यों को नहीं करना चाहिए  ।

अमावस्या (  amavasya )  के दिन क्रोध, हिंसा, अनैतिक कार्य, माँस, मदिरा का सेवन  एवं  स्त्री से शारीरिक सम्बन्ध, मैथुन कार्य आदि का निषेध बताया गया है, जीवन में स्थाई सफलता हेतु इस दिन इन सभी कार्यों से दूर रहना चाहिए ।

वैसे तो सभी अमावस्या (amavasya) का महत्व है लेकिन सोमवार एवं शनिवार को पड़ने वाली अमावास्या विशेष रूप से पवित्र मानी जाती है। इसके अतिरिक्त मौनी अमावस्या और सर्वपितृ दोष अमावस्या अति महत्वपूर्ण मानी गयी है। 

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