27 मार्च मंगलवार को इस अद्भुत संयोग में पूरी होगी सभी मनोकामनाएँ, घर कारोबार में होने लगेगी सुख-समृद्धि की वर्षा

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27 मार्च मंगलवार को एकादशी और पुष्य नक्षत्र का अति पुण्यदायक संयोग और सर्वार्थ सिद्दी योग है। ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्र माने गए हैं। इनमें 8 वे स्थान पर पुष्य नक्षत्र (pushya nakshatra) आता है।  पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रो का राजा भी कहते है 
ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र का महत्व  बहुत ही ज्यादा बताया गया है । पुष्य नक्षत्र बहुत ही  शुभ नक्षत्र माना जाता है।  कहा जाता है भगवान राम का जन्म पुष्य-नक्षत्र में हुआ था।
हमारे शास्त्रों के अनुसार चूँकि पुष्य नक्षत्र स्थायी होता है और इसीलिए इस नक्षत्र में खरीदी गई कोई भी वस्तु स्थायी तौर पर सुख समृद्धि देती है।
शास्त्रों के अनुसार पुष्य नक्षत्र  में शुरू किये गए सभी कार्य पुष्टिदायक, सर्वथा सिद्ध होते ही हैं, निश्चय ही फलीभूत होते हैं |
पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनिदेव व अधिष्ठाता बृहस्पति देव हैं।  पुष्य शनि में शनि के प्रभाव के कारण खरीदी हुई वस्तु स्थाई रूप बनी रहती है और बृहस्पति देव के कारण वह समृद्धिदायी होती है। गुरुवार व रविवार को होने वाले पुष्य नक्षत्र विशेष रूप से फलदायक होता है उसदिन पुष्यामृत योग बनता है। ऋग्वेद में पुष्य नक्षत्र को मंगल कर्ता, वृद्धि कर्ता और सुख समृद्धि दाता कहा गया है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार  धन सम्बन्धी प्रयोगों , माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने हेतु उनकी साधना करने के लिए, आर्थिक संकटो को दूर करने के लिए और अपनी समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए पुष्य नक्षत्र  एक श्रेष्ठ दिन है । मान्यता है कि इस दिन धन सम्बन्धी किये गए उपाय शीघ्र ही फलीभूत होते है, 
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि कुंडली के योग विरुद्ध हों, तो भी पुष्य नक्षत्र में किया गया कार्य निश्चित ही सिद्ध हो जाता है | पुष्य नक्षत्र अन्य सभी योगों के दोषों को समाप्त देता है। बहुत से ज्योतिष यह भी मानते है कि पुष्य नक्षत्र  के गुण किसी भी बुरे योगो द्वारा नष्ट ही नहीं हो सकते है ।
 इस दिन किये गए उपायों से धन वैभव में वृद्धि होती है,  कार्य क्षमता बढ़ती है जातक के प्रभाव में वृद्धि होती है। यहाँ पर हम कुछ उपाय बता रहे है जिनको करने से निश्चय ही सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।
 1. पुष्यामृत योग में "हत्था जोड़ी"(एक विशेष पेड़ की जड़ जो सभी पूजा की दुकान में मिलती है) को "चाँदी की डिबिया में सिंदूर डालकर" अपनी तिजोरी में स्थापित करें । ऐसा करने से घर में धन की कमी नहीं रहती है । ध्यान रहे कि इसे नित्य धुप अगरबत्ती दिखाते रहे और हर पुष्य नक्षत्र में इस पर सिंदूर चढ़ाते रहे । 

2. पुष्य नक्षत्र में "शंख पुष्पी की जड़ को "चांदी की डिब्बी में भरकर उसे घर के धन स्थान / तिजोरी में रख देने से उस घर में धन की कभी कोई भी कमी नहीं रहती है ।

3. पुष्य नक्षत्र के दिन गाय को घी से रोटी चुपड़कर उस पर गुड़ रखकर खिलाने से धन लाभ होता है, सुख- समृद्दि आती है।

4. पुष्य नक्षत्र pushya nakshatra के दिन मंदिर में दीपक अवश्य जलायें इससे कार्य में आने वाली अड़चने समाप्त होती है। 

 5. इसके अलावा बरगद के पत्ते को भी पुष्य नक्षत्र में लाकर उस पर हल्दी से स्वस्तिक बनाकर उसे चांदी की डिब्बी में घर में रखें तो भी बहुत ही शुभ रहेगा ।

6. शास्त्रों के अनुसार माँ लक्ष्मी को श्री सूक्त के पाठ से अति प्रसन्न होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जो जातक पुष्य नक्षत्र के दिन  श्री सूक्त का पाठ करते है माँ लक्ष्मी की उस घर परिवार पर पीढ़ियों तक कृपा बनी रहती है। वह जातक इस जन्म में तो ऐश्वर्य का भोग करता ही है इस पुण्य के कारण अगले कई जन्मो तक भी उस धन की कोई भी कमी नहीं रहती है।  

7.पुष्य नक्षत्र (pushya nakshatra ) के दिन पूजा घर में संध्या के समय माँ लक्ष्मी के सामने दीपक में लाल कलावे की बत्ती डालकर घी का दीपक जलाएं । इससे घर में लक्ष्मी का नियमित रूप से आगमन होने लगता है। इसके बाद नियम पूर्वक माँ के सामने रुई की जगह कलावे की बत्ती डालकर ही घी का दीपक जलाया करें ।  
8. पुष्य नक्षत्र (pushya nakshatra ) के दिन माँ लक्ष्मी को लाल पुष्प अर्पित करें । इस दिन सांयकाल किसी भी लक्ष्मी मंदिर / मंदिर में माँ को सुगन्धित धूप अगरबत्ती,  मिठाई चढ़ाने से माँ अपने भक्त से अति प्रसन्न होती है,  सुख सौभाग्य आता है । 

9. पुष्प नक्षत्र (pushya nakshatra ) के दिन दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिला दूध भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इससे धन लाभ मिलेगा। माता लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा करने से भी मां की कृपा आप पर बनी रहती है ।

10. पुष्य नक्षत्र pushya nakshatra के दिन घर में सुख - समृद्धि, ऐश्वर्य और परिवार में प्रेम के लिए माँ लक्ष्मी को सबूतदाने की खीर अथवा हलुवे का भोग अवश्य ही लगाएं  फिर घर के सभी लोग माँ के इस प्रशाद को प्रसन्नता पूर्वक ग्रहण करें। प्रत्येक पुष्य नक्षत्र को इस उपाय को करने से माँ लक्ष्मी उस घर से कभी भी नहीं जाती है।
11. पुष्य नक्षत्र के दिन लक्ष्मी की पूजा करते समय चांदी का सिक्का रखें। बाद में इस सिक्के को अपनी तिजोरी में रख दें। इससे आपकी तिजोरी हमेशा पैसों से भरी रहेगी ।

12. आर्थिक संकटो का निवारण करने का मन्त्र :- "ऊं श्रीं ह्रीं दारिद्रय विनाशिन्ये धनधान्य समृद्धि देहि देहि नम:"।।

13. माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने का मन्त्र :-  "ऊंं श्री विघ्नहराय पारदेश्वरी महालक्ष्यै नम:"।।

 14. घर में स्थाई धन-धान्य की संपन्नता हेतु श्री लक्ष्मी नारायण जी पर हल्दी चढ़ाकर उस चढ़ी हल्दी पर थोड़ा पानी मिलाकर उससे अपनी तिजोरी पर "श्रीँ" लिखें।

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