देर रात तक जागने से हो सकती है ये परेशनिया

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लखनऊ |  अगर आप नियमित तौर पर नाइट शिफ्ट में काम करते हैं। या फिर इंटरनेट पर देर रात तक विडियो देखते है। तो इससे हमारे शरीर में बहुत बुरा असर पड़ता है। आपके शरीर के डीएनए की मरम्मत में बाधा आ सकती है। शोधकर्ता के जरिये ये बात सामने आई है। निष्कर्ष बताते हैं कि रात में काम करने से नींद के हार्मोन मेलाटोनिन के स्राव पर असर पड़ता है।

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रात  में काम करने वालों में उनके दिन में काम करने वाले समकक्षों की तुलना में पेशाब में सक्रिय डीएनए ऊतकों की मरम्मत करने वाले रसायन का उत्पादन कम होता है। इस रसायन को 8-ओएच-डीजी कहते हैं।

 

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शोध में कहा गया है, कि इससे कोशिकीय क्षति की मरम्मत की क्षमता में कमी का संकेत मिलता है।  इस अंतर के पीछे नींद के हार्मोनमेलाटोनिन के रात में उत्पादन की अपेक्षा दिन में कम उत्पादन होना है।फ्रेड हचिंसन कैंसर रिसर्च सेंटर वाशिंगटन के प्रवीन भाटी ने कहा, "हमारे नतीजों से संकेत मिलता है कि रात के सोने के अपेक्षा, रात में काम करने वालों में मूत्र उत्सर्जन में 8-ओएच-डीजी की मात्रा में खास तौर से कमी आ जाती है। 

 

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रिसर्च के मुताबिक, दे रात तक काम करने या फिर वीडियो देखने वाले लोगों में याददाश्त की समस्या भी आने लगती हैं। शोध के मुताबिक, लड़कियों पर  फिल्मों का प्रभाव उनकी यादाश्त क्षमता के कम होने के रुप में दिखाई देता है। नियमित रुप से विडियो देखने से दिमाग की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और सिकुड़ सी जाती हैं

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30 फीसदी महिलाएं नियमित रूप से फिल्में देखती हैं। लेकिन, लड़कियों पर फिल्मों का प्रभाव क्या होता है ये भी एक चौकाने वाली बात है। फिल्में देखने के प्रभाव लड़के और लड़कियों दोनों पर पड़ता है। शोध के मुताबिक, जो पुरुष या महिला अधिक मात्रा में इस प्रकार के वीडियो देखते हैं उनके दिमाग की रचनात्मकता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। 

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