जानिए बुधवार का पंचांग, आपसे भी जुड़ी हैं कुछ खास बातें

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Aaj Ka Panchang/बुधवार का पंचांग

 

17 अप्रैल 2019 का पंचाग

गणेश गायत्री मंत्र :

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।। 
।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

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दिन (वार) - बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है। बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। इस दिन गणेशजी की पूजा अर्चना से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

*विक्रम संवत् 2076 संवत्सर कीलक तदुपरि सौम्य 
*शक संवत - 1940 
*अयन - उत्तरायण 
*ऋतु - शरद ऋतु 
*मास - चैत्र माह 
*पक्ष - शुक्ल पक्ष

तिथि - त्रयोदशी 22:24 तदुपरांत चतुर्दशी ।

तिथि का स्वामी - त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव है तथा चतुर्दशी तिथि के स्वामी शिव है

त्रयोदशी तिथि के स्वामी कामदेव हैं। कामदेव प्रेम के देवता माने जाते है । पौराणिक कथाओं के अनुसार कामदेव, भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के पुत्र माने गए हैं। उनका विवाह प्रेम और आकर्षण की देवी रति से हुआ है। इनकी पूजा करने से जातक रूपवान होता है, उसे अपने प्रेम में सफलता एवं इच्छित एवं योग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है। त्रियोदशी को कामदेव की पूजा करने से वैवाहिक सुख भी पूर्णरूप से मिलता है। इस तिथि का खास नाम जयकारा भी है। समान्यता त्रयोदशी तिथि यात्रा एवं शुभ कार्यो के लिए श्रेष्ठ होती है। त्रियोदशी को बैगन नहीं खाना चाहिए ।

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नक्षत्र- उत्तराफाल्गुनी 23:36 तदुपरांत हस्त

नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी-    उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के देवता अर्यमा है एवं हस्त नक्षत्र के देवता रवि है ।

योग - ध्रुव - 06:33

प्रथम करण : - कौलव - 11:55

द्वितीय करण : - तैतिल - 22:24

गुलिक काल : - बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।

दिशाशूल - बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है । इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा/हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।

राहुकाल : - बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । 

सूर्योदय - प्रातः 05:46 

सूर्यास्त - सायं 06:27 

विशेष - त्रयोदशी को बैंगन नहीं खाना चाहिए। (त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र को कष्ट मिलता है और पुत्र की तरफ से भी दुःख प्राप्त होता है ।)·

पर्व त्यौहार-

मुहूर्त  - त्रयोदशी तिथि को यात्रा , शिल्प , चूड़ा कर्म, अन्नप्राशन व गृह प्रवेश शुभ है।

"हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण, आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो "।

आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।     

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