पंचांग ( Panchang ), रविवार का पंचांग ( Ravivar Ka Panchang), आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

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पंचांग | Panchang | रविवार का पंचांग | Raviwar Ka Panchang | आज का पंचांग | Aaj Ka Panchang |

 

हिन्दू धर्म में पंचाग को बहुत ही शुभ माना जाता है।  मान्यता है कि नित्य पंचाग को पढ़ने वाले जातक को देवताओं का आशीर्वाद मिलता है उसको इस लोक में सभी सुख और कार्यो में सफलता प्राप्त होती है। 

Panchang, पंचाग, ( हिन्दू पंचाग, Hindu Panchang ) पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:-  तिथि (Tithi) 2:-  वार (Day) 3:-  नक्षत्र (Nakshatra) 4:-  योग (Yog) 5:-  करण (Karan)

शास्त्रों के अनुसार पंचाग (panchang) को पढ़ना सुनना बहुत शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी नित्य पंचाग (panchang) को सुनते थे । जानिए रविवार का पंचांग (Ravivar Ka Panchang) आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)। 

रविवार का पंचांग ( Raviwar Ka Panchang)
 

24 फरवरी 2018 का पंचांग :- 

विक्रम संवत् 2075 संवत्सर

शक संवत - 1940

अयन - उत्तरायण

ऋतु - शरद ऋतु

मास - फाल्गुन माह

पक्ष - कृष्ण पक्ष

तिथि (Tithi) :-  षष्ठी 17:05 तक तदुपरांत सप्तमी ।

तिथि का स्वामी - षष्ठी तिथि के स्वामी कार्तिकेय जी है तथा सप्तमी तिथि के स्वामी सूर्यदेव जी है ।

षष्टी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र भगवान कार्तिकेय है । षष्ठी को इनकी पूजा करने से व्यक्ति वीर, शक्ति सम्पन्न एवं यशवान बनता है। जिनकी कुंडली में मंगल की दशा चल रही हो या कोई जातक मुक़दमे में फंसा हो तो उसे भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है । मुक़दमे / राज द्वार में विजय प्राप्त करने के लिए षष्टी की शाम को किसी भी शिव मंदिर में जाकर भगवान कार्तिकेय को 6 दीपक अर्पित करने चाहिए । षष्टी के दिन भगवान कार्तिकेय पर नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपनी बाँह में बाँधने से शत्रु परास्त होते है समाज में विजय मिलती है ।

सोमवार के दिन शिवलिंग पर मिश्री चढ़ाकर फिर जल चढ़ाएं। अथवा किसी भी शिव मंदिर में मिश्री का पैकेट अर्पित करें। 

वार :- सोमवार 

नक्षत्र (Nakshatra) :- स्वाती 22:03 तक तदुपरांत विशाखा

नक्षत्र के देवता :- स्वाती नक्षत्र के देवता समीर है एवं विशाखा नक्षत्र के देवता इन्द्र और अग्नि है ।

योग(Yog) - वृद्धि - 13:53 तक 

प्रथम करण : - गर - 17:32 तक

द्वितीय करण : -  वणिज - 25 फरवरी 05:04 तक

गुलिक काल : -  दोपहर 1:30 से 3 बजे तक । 

राहुकाल :- सोमवार को राहुकाल सुबह -7:30 से 9:00 तक। राहुकाल में कोई भी नया शुभ कार्य एवं यात्रा नहीं करनी चाहिए। 

दिशाशूल (Dishashool)-  सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । इस दिन कार्यो में श्रेष्ठ सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।

विशेष - षष्ठी को नीम का सेवन नहीं करना चाहिए ।

पर्व त्यौहार -   

मुहूर्त (Muhurt) - षष्ठी तिथि यात्रा, पितृ कर्म, मंगल कार्य, संग्राम, शिल्प, वास्तु, भूषण के लिए शुभ है।

सूर्योदय :-  प्रातः 06:47 ।

सूर्यास्त :-   सायं  05:25 ।

नोट :- पंचांग ( Panchang ) को नित्य पढ़ने से जीवन से विघ्न दूर होते है, कुंडली के ग्रह भी शुभ फल देने लगते है, सफलता के नए द्वार खुलने लगते है।
अत: सभी जातको को नित्य पंचाग को बोल कर अनिवार्य रूप से पढ़ना ही चाहिए और अपने इष्ट मित्रो को भी इससे अवगत कराना चाहिए । 

 

 

 

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पंचाग, Panchang

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