पंचांग ( Panchang ), शनिवार का पंचांग ( Shaniwar Ka Panchang), आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

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पंचांग (Panchang), शनिवार का पंचांग ( Shaniwar Ka Panchang), आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)

 

हिन्दू धर्म में पंचाग को बहुत ही शुभ माना जाता है।  मान्यता है कि नित्य पंचाग को पढ़ने वाले जातक को देवताओं का आशीर्वाद मिलता है उसको इस लोक में सभी सुख और कार्यो में सफलता प्राप्त होती है। 
Panchang, पंचाग, ( हिन्दू पंचाग, Hindu Panchang ) पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:-  तिथि (Tithi) 2:-  वार (Day) 3:-  नक्षत्र (Nakshatra) 4:-  योग (Yog) 5:-  करण (Karan)

शास्त्रों के अनुसार पंचाग (panchang) को पढ़ना सुनना बहुत शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी नित्य पंचाग (panchang) को सुनते थे । जानिए शनिवार का पंचांग ( Shaniwar Ka Panchang) आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang)। 
 

पंचांग (Panchang), शनिवार का पंचांग ( Shaniwar Ka Panchang)

16 फरवरी 2019 का पंचांग :- 

विक्रम संवत् 2075 संवत्सर

शक संवत - 1940

अयन - दक्षिणायण

ऋतु - शरद ऋतु

मास - माघ माह

पक्ष -  शुक्ल पक्ष

तिथि (Tithi) :- एकादशी 11:02 तक तदुपरांत द्वादशी ।

तिथि का स्वामी - एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी है तथा द्वादशी तिथि के स्वामी विष्णु जी है ।

आज जया एकादशी है ।जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख में गंगा जल / जल भरकर उस से भी अभिषेक करें । इस उपाय से माँ लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न होती है और जातक पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों की पूर्ण कृपा होती हैं। एकादशी के दिन श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करना परम फलदाई है, इससे भाग्य चमकता है कुंडली के ग्रहों के शुभ फल प्राप्त होते है ।

वार :- शनिवार 

नक्षत्र (Nakshatra) :- आर्द्रा 19:06 तक तदुपरांत पुनर्वसु

नक्षत्र के देवता एवं ग्रह्स्वामी :- आर्द्रा नक्षत्र के देवता रूद्र ( शिवजी ) है एवं पुनर्वसु नक्षत्र के देवता आदिती (देवमाता ) है ।

योग(Yog) -  प्रीति 17 फरवरी 12:02 तक

प्रथम करण : - विष्टि - 11:02 तक

द्वितीय करण : - बव - 21:40 तक

गुलिक काल : - गुलिक काल  (शुभ समय )  सुबह 6:00 से 7.30 बजे तक ।

राहुकाल :- शनिवार को राहुकाल सुबह 9:00 से 10:30 तक। राहुकाल में कोई भी नया शुभ कार्य एवं यात्रा नहीं करनी चाहिए। 

दिशाशूल (Dishashool)- शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है । सफलता के लिए घर से अदरक या घी खाकर जाएँ ।

विशेष -  एकादशी में चावल और सेम की फली नहीं खानी चाहिए , इस दिन इनके सेवन से पाप और रोग बढ़ता है ।

पर्व त्यौहार- 

मुहूर्त (Muhurt) - एकादशी तिथि व्रत, उपवास, धार्मिक कृत्य, देवोत्सव, उद्यापन तथा कथा एकादशी में शुभ है।

सूर्योदय :- प्रातः 07:04

सूर्यास्त :- सायं 05:40

नोट :- पंचांग ( Panchang ) को नित्य पढ़ने से जीवन से विघ्न दूर होते है, कुंडली के ग्रह भी शुभ फल देने लगते है। अत: सभी जातको को नित्य पंचाग को अनिवार्य रूप से पढ़ना ही चाहिए और अपने इष्ट मित्रो को भी इससे अवगत कराना चाहिए । 
 

 

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पंचाग, Panchang

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