आजम खान ने जीत के बाद की प्रेसवार्ता

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सुरेश दिवाकर

रामपुर। लोकसभा चुनाव के दौरान सुर्खियों में रही रामपुर लोकसभा सीट जिस पर समाजवादी पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री व गठबंधन प्रत्याशी आज़म खान ने जीत हासिल की। भाजपा से पूर्व सांसद जयाप्रदा के मुक़ाबले को लेकर चाहे बयानों पर लगे आरोप हों या आजम पर दर्जनभर से ज़्यादा दर्ज मुक़दमे हों या चुनाव आयोग की लगाम एक लाख दस हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज कर बता दिया कि वह राजनीति के बड़े लड़ैया हैं। बीजेपी की कोई भी चाल आजम को शिकस्त नहीं दे सकती। 

जीत का सर्टिफिकेट जिलाधिकारी और पर्यवेक्षक से लेने के बाद आजम ने कहा कि बड़े फैसले पर सभी देशवासियों को मुबारकबाद। मेरे जैसे कमज़ोर और गरीब परिवार के व्यक्ति को लोग चुनते चले आ रहे हैं। मैं लोगों की आवाज़ बनकर उनकी सेवा करता रहा हूं। पहली बार लोकसभा की सीट पर भेजा है। मैं कोशिश करूंगा कि उनकी उम्मीदों पर पूरा खरा उतरुं। सत्ता में आये हुए लोगों और ख़ासकर देश के प्रधानमंत्री से यह उम्मीद करूंगा कि जो एक प्रधानमंत्री की ज़िम्मेदारियां होनी चाहिए, वो उनको खुले दिल से पूरा करेंगे। जो जनमत और बहुमत उन्हें मिला है, उसकी वो क़द्र करेंगे और उसके बोझ को महसूस करते हुए लोगों के इस कर्ज को चुकायेंगे। जो भी दायित्व मुझे दिया जायेगा मैं उसे ईमानदारी से पूरा करूंगा।

जयाप्रदा से चुनावी मुकाबले और चुनाव आयोग के बैन लगाने पर आजम ने कहा, हमने चुनाव में किसी का नाम नहीं लिया। इस बात की शिकायत है कि राजनीतिक विरोधियों और मीडिया बन्धुओं ने जितने घटिया इल्ज़ाम हम पर लगा सकते थे, लगाये। कितनी गालियां दी और आज के दिन तक मिल रही हैं। लोग यह कहते हैं कि ख़ास वर्ग का वोट मुझे मिल गया, यह सच नहीं है। मुझे हर धर्म और हर जाति का वोट मिला है।  लोग इस सच की तसदीक़ करना चाहते हैं, तो मेरे जीत के स्टेशन देख लें। अगर यह सच न हो तो मैं अपने विरोधियों को एक हफ्ते का वक़्त देता हूं, अगर सभी वर्गों का वोट मुझे नहीं मिला होगा तो आज से आठवें दिन अपनी लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा। रामपुर की जनता पर कहा, मुझसे ऐसे ही प्यार करते रहे। मैं उनके लिये वो सब कुछ करूंगा जो कहीं नहीं हो सका।

पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा की जीत पर कहा देश के प्रधानमंत्री हैं और इतना बड़ा बहुमत लेकर आये हैं। जाहिर है, करिश्माई फैसला है। वो इसका आदर करेंगे। लोगों से बदला नहीं लेंगे और परेशान नहीं करेंगे। एक ख़ास वर्ग के दिल में जो मायूसी और उदासी है, वो नहीं होने देंगे। शैक्षिक संस्थानों को बर्बाद नहीं करेंगे। स्कूल कॉलेजों की दीवारें नहीं तुड़वायेंगे। यूनिवर्सिटी में ताला नहीं डलवायेंगे। गठबंधन की कम सीटों पर आजम ने कहा कि मंथन का विषय है और यक़ीनन इस पर विचार होना चाहिए। उम्मीद करते हैं कि पार्टी के सीनियर बैठ कर मंथन करेंगे। प्रशासन से विवाद पर कहा, मेरे साथ अन्याय हुआ है। मेरी लीड ढाई से तीन लाख होती। मैंने तो कहा था मेरी तीन लाख से कम लीड होगी तो अन्याय होगा और वो सबने देखा है।

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