बीजेपी के साथ बार बार सरकार बनाने वाले मुझ पर आरोप लगा रहे हैं:शिवपाल

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बसपा में उत्पीड़न सहने वाला कार्यकर्ता गठबंधन को कभी नही स्वीकार करेंगे

लखनऊ। दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का वोट लेकर भाजपा की गोद में बैठ जाने वाले मुझ पर भाजपा से मिले होने का आरोप लगा रहे हैं। आम जनमानस और मीडिया को यह पता है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ मिलकर बार-बार किसने सरकार बनाई है, साथ ही उन्हें यह भी बताने की जरूरत नहीं है कि मेरा साम्प्रदायिक शक्तियों के खिलाफ पिछले 4 दशकों का संघर्ष किसी भी संदेह से परे है। उक्त विचार प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव ने सपा बसपा की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के बाद जारी बयान मे व्यक्त किये।

शिवपाल ने कहा कि यह भी दुखद है कि आर्थिक भ्रष्टाचार में लिप्त और अपनी पार्टी का टिकट बेचने वाले मुझ पर भाजपा से आर्थिक सहयोग प्राप्त होने का आरोप लगा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को समझना चाहिए कि इसके पूर्व भी मायावती पिछड़ो, दलितों और मुसलमानों का वोट लेकर भाजपा की गोद में बैठ चुकी हैं ऐसे में कहीं ऐसा न हो कि इतिहास फिर से स्वयं को दोहराए और मायावती चुनाव के बाद भाजपा से जा मिलें। ये भी सबको पता है की राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन न कर बीजेपी को लाभ किसने पहुंचाया।

वहीं अखिलेश और मायावती की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती द्वारा सीधे तौर पर शिवपाल सिंह यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) पर भाजपा से मिले होने का आरोप लगाये जाने के बाद प्रसपा ने कहा कि आरोप पूरी तरह से तथ्यहीन व बेबुनियाद है पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता सीपी राय ने कहा कि आम जनमानस को पता है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ मिलकर बार-बार किसने सरकार बनाई है।

पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ सीपी राय ने कहा कि अखिलेश यादव का जब जन्म भी नहीं हुआ था उसके पहले से ही उत्तर प्रदेश में शिवपाल यादव भाजपा और साम्प्रदायिक शक्तियों के खिलाफ सबसे मुखर स्वर रहे एवं संघर्ष किया है। 

सपा ने आज उस दल से गठबंधन किया है, जिसने हमेशा समाजवादी पार्टी खून से सींचने वाले मुलायम सिंह यादव, जनेश्वर मिश्र का अपमान किया है। यह मौका परस्ती का गठबंधन हैं। समाजवादी धारा से जुड़ा कोई कार्यकर्ता और समाज का गरीब, वंचित तबका इस गठबंधन को कभी स्वीकार नहीं करेगा।

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