massiar-banner

झूठ बोलने में बीजेपी ने तोड़ दिये सारे रिकार्ड: अखिलेश

Foto

राजनीति के समाचार/political news news

बीटीसी प्रशिक्षुओं से ज्ञापन लेने के बाद पूर्व सीएम ने कहा नौकरी के नाम पर युवाओं को अपमानित कर रही है बीजेपी सरकार

लखनऊ। मुख्यमंत्री ने जितनी घोषणाएं की हैं,उनकी विश्वसनीयता ही संदिग्ध है। कोई एक बात हो तो उसे माना भी जाए पर यहां तो हर दिन एक नया वादा-नया पैतरा और नया आंकड़ा सामने आता है। इससे सरकार की साख को ही बट्टा लगता है। किसी भी सरकार ने नौजवानों की इतनी उपेक्षा नहीं की है और न हीं किसी सरकार ने ऐसे अनर्गल और भटकाने वाले बयान दिए हैं। भाजपा ने झूठ के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। उक्त विचार सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को बीटीसी प्रशिक्षुओं के प्रतिनिधी मण्डल से मुलाकात करने के बाद व्यक्त किये।

 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार जानबूझकर नौजवानों की जिंदगी से खेल रही है। नौकरियों का विज्ञापन देकर उनकी भर्ती किसी न किसी बहाने से रोक दी जाती है।

नौकरियों की तादाद के बारे में भी भ्रामक और विरोधाभासी सूचनाएं दी जाती हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश के नौजवानों के अयोग्य होने की बात करते हैं जबकि छोटी-मोटी नौकरियों के लिए भी पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी हजारों की संख्या में आवेदन कर रहे है। 

 

यह भी पढ़ें:   सपा मजदूर सभा के 500 समर्थकों ने एक साथ इस्तीफा देकर थामा शिवपाल का दामन

 

पूर्व मुख्यमंत्री से आज बीटीसी प्रशिक्षुओं के एक प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट कर अपना ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमण्डल में अनिल यादव,राहुल वर्मा,शत्रुहन मौर्या,आनंद वर्मा,नरेन्द्र बहादुर वर्मा,अभिषेक यादव,आरती सिंह और संजय प्रताप यादव थे इन्होंने बताया कि 68,500 प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती को लेकर नौजवान पुलिस के दमन के बावजूद न्याय की भीख मांगते हुए धरना दे रहे हैं। लगभग 27000 सीटें रिक्त हैं जिन पर भर्ती टाली गई है। 

मुख्यमंत्री द्वारा नौकरी में आने वाले युवाओं को अयोग्य ठहराने का बयान पूर्णतया असत्य और मुद्दों से भटकाने वाला बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी पीसीएल में 2849 नौकरियां निकलीं और पेपरलीक के बहाने रद्द हो गईं। 3210 टयूबवेल आपरेटरों की भर्ती में 250000 आवेदन आए,यूपी पुलिस में 2,709 सब इंस्पेक्टर के पदों की भर्ती के लिए 1.20 लाख आवेदन आए थे ये भर्तियां पेपरलीक के बहाने रोक दी गईं।

पुलिस में 62 चपरासियों के पदों के लिए 93000 आवेदन आए जिसमें 3700 पीएचडी थे ये भर्ती भी अचानक रद्द हो गई। यूपी पुलिस में 41,520 कांस्टेबिल के पदों के लिए 10 लाख अभ्यर्थी आए। जाहिर है युवाओं की अयोग्यता की बात बेबुनियाद है। यही नहीं भर्तियों में पुलिस महकमें में से 1400 ओबीसी/एससी/एसटी निकाल दिए गए।

 

यह भी पढ़ें:   शिवपाल का बड़ा तंज : रावण मरा भी और लंका जली भी...

 

अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार देने के आंकड़ों में भी हेराफेरी कर रही है। भदोही के कारपेट एक्सपो मार्ट में मुख्यमंत्री जी ने 20 लाख युवाओं को रोजगार देने की घोषणा की। गत 20 मार्च 2018 को भाजपा सरकार के एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री ने 64 विभागों में 4 लाख नौकरियां देने का एलान किया।

29 जनवरी 2018 को गोरखपुर में 1,62,000 पदों पर भर्तियां करने और फिर 7 फरवरी 2018 को 9 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कही। यूपी इन्वेस्टर्स समिट में तीन साल में 40 लाख रोजगार देने का एलान किया गया। इससे पूर्व 1 मई 2017 को मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में पांच साल में 70 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया था। यह नौजवानों को अपमानित करना है। 

leave a reply

राजनीति के समाचार

Live: ख़बरें सबसे तेज़

प्रमुख श्रेणी