काले अध्याय के रुप में जाना जायेगा बीजेपी की केंद्र व राज्य सरकार का कार्यकाल:प्रमोद तिवारी

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कांग्रेस सांसद ने पाक पीएम इमरान खान को बताया पीएम मोदी का दोस्त

लखनऊ। लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के मतदान में ही बीजेपी को लोगो ने नकार दिया है और कांग्रेस सफलता की ओर बढ़ रही है। लोगों ने पांच साल तक झूठ बोलने वाली सरकार देख ली है और अब उन्हे ऐसी सरकार चाहिए जो काम करे। उक्त विचार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होने रामनवमी के उपलक्ष्य पर देश वासियों को बधाई भी दी।

कांग्रेस सांसद ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि भाजपा के झूठ पाखंड और असफलता की शुरुआत हो चुकी है।उन्होंने मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिसने 2014 के लोकसभा चुनाव में जिस राम का नाम लेकर जीत हासिल की थी और देश का प्रधानमंत्री बना था आज तक वो उस राम के दर्शन करने भी नही गए, क्योंकि उनके लिए राम जी सिर्फ एक राजनितिक मुद्दा है और कुछ नही लेकिन इस बार भाजपा सरकार के 'छदम राष्ट्रवाद' के चेहरे पर पड़ा नकाब उतर जायेगा।

इसके बाद उन्होंने जलियांवाला बाग़ की 100वीं वर्षगाँठ पर श्रद्धांजलि अर्पित कर कहा कि हमारे अध्यक्ष राहुल गांधी अपने सभी कार्यो को छोड़ कर आज उस स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने गए जहाँ पर आजादी के दीवानों का क्रूरतम और जघन्यतम नरसंहार हुआ था क्योंकि राहुल गांधी स्वतंत्रता संग्राम के डीएनए है और उनकी विचारधारा भी वैसी ही है। पीएम मोदी पर तंज कसते हुए श्री तिवारी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को मोदी का दोस्त बताया।

प्रमोद तिवारी ने मोदी और स्मृति ईरानी गुरु और चेली का भी टाइटल दे डाला उन्होंने कहा कि दोनों लोग अपनी अपनी डिग्रियां छुपाए बैठे हैं जो कि जनता को सिर्फ भ्रमित करने का कार्य कर रहे हैं।उन्होंने वर्तमान कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को घेरते हुए कहा कि देश की जनता पूछ रही है कि " हार की हैट्रिक " लगाने वाली स्मृति ये तो बताये की बीए पास हैं या बीकॉम पास है या फेल है जिससे की झूठे फर्जी वायदों की पीएचडी की असलियत का पता चलें। उन्होंने एक सवाल के माध्यम से पूछा कि क्या गुरु और चेली के डीएनए में सिर्फ झूठ और झूठे वायदों की समानता है?

कांग्रेस सांसद ने कहा कि बांदा में कई महीनों से मानदेय ना मिलने के कारण नवयुवक राजेश कुमार पटेल जो कि अनुदेशक के पद पर कार्यरत थे उन्होंने आत्महत्या कर ली थी, इसके साथ ही तमाम आशा बहू, शिक्षामित्र और वित्त विहीन शिक्षक सहित अन्य कर्मचारियों के मानदेय को समाप्त करने वाली भारतीय जनता पार्टी ना जाने कितने लोगों के परिवार को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ी कर चुकी है। केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार का कार्यकाल सर्वाधिक किसानों, बेरोजगार नौजवानों, शिक्षा मित्रों एवं वित्त विहीन कर्मचारियों आदि की आत्महत्या के लिए "काले अध्याय" के रूप में जाना जाएगा।

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