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एमपी में शराब बंदी का बड़ा दांव खेल सकती है कांग्रेस

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वादे को चुनावी एजेण्डे में शामिल करने की तैयारी

नई दिल्ली। एमपी में कांग्रेस शराबबंदी को मुद्दा बनाकर शिवराज सिंह सरकार को दरअसल नैतिक मनोबल के स्तर पर भी घेरना चाहती है बिहार में शराबबंदी के बाद शिवराज सिंह ने भी मध्यप्रदेश में शराबबंदी लागू करने की तैयारी की थी आधिकारिक तौर पर इसकी तैयारी भी की गई कैबिनेट में चर्चा भी हुई लेकिन यह संभव नहीं हो पाया और अब कांग्रेस इस मुद्दे को एमपी में भुनाने की तैयारी में है।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस अपने चुनावी मेनिफेस्टो में शराबबंदी की घोषणा कर बड़ा राजनीतिक धमाका करने की तैयारी में है कांग्रेस प्रदेश की 50 प्रतिशत महिला वोटर्स को साधने का दांव खेलते हुए दस हजार करोड़ राजस्व नुकसान सहने के लिए भी तैयार है

 

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के आग्रह पर गुजरात,बिहार,केरल की शराबबंदी पॉलिसी पर फाइनेंस से जुड़े लोगों से अध्ययन करवाया गया है उनकी सलाह इस मामले में सकारात्मक नहीं थी क्योंकि बड़ा राजस्व घाटा इसमें दिख रहा है बावजूद इसके कमलनाथ ने आश्वस्त किया है कि कांग्रेस की सरकार बनती है तो वे इस घाटे से निपटने में सक्षम हैं।

यह वचन पत्र अब तैयार हो गया है गणेश चतुर्थी के दिन कांग्रेस वचन पत्र समिति के अध्यक्ष राजेद्र सिंह और विवेक तन्खा ने इसकी सॉफ्ट कॉपी प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को सौंप दी है हार्ड कॉपी आज सौंपी जा रही है 17 सितंबर को राहुल गांधी भोपाल से चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। 

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सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो को पूरी रणनीति के साथ तैयार किया है सबसे पहले तो प्रदेश की जनता के बीच यह मैसेज पहुंचाया गया कि यह मेनिफेस्टो नहीं वचनपत्र होगा याने जो कहा जाएगा उसे साल भर में पूरा किया जाएगा। 
 

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