सीबीआई छापे का सियासी कनेक्शन, निशाने पर सपा-बसपा गठबंधन

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कुमार अरविन्द श्रीवास्तव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मोरंग के अवैध खनन मामले में सीबीआई छापे के सियासी कनेक्शन ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों को गर्म करने लगा है। भीषण ठंड के बीच चर्चाओं की तासीर कुछ इस तरह बढ़ने लगी है कि आज राष्ट्रीय और प्रादेशिक पटल पर हर  सियासतदां अचम्भित है। उनके इस अचंभे का निहितार्थ जिस ओर इशारा करता नजर आ रहा है उसके मायने में सवाल-दर-सवाल उभरने लगे हैं कि क्या वाकई में भाजपा विपक्ष के गठबंधन से डरने लगी है? अब इसकी असलियत तो भाजपा हाईकमान ही बता सकता है लेकिन फिलहाल सियासी गलियारों में जो चर्चाएं हैं वह वाकई में काफी संजीदा है। 

 

 

बता दें कि शनिवार को सीबीआई ने बुंदेलखंड में अवैध मोरंग खनन के मामले में तेज-तर्रार मानी जाने वाली आईएएस अफसर बी. चंद्रकला सहित सपा और बसपा से जुड़े कुछ नेताओं के ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की। इस छापेमारी में बी. चंद्रकला के बैंक खातों और लॉकर को सीज कर दिया है, साथ ही कई दस्तावेज बरामद किए हैं जिसका कनेक्शन तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से जुड़ने लगा है।

बताते चलें कि जिस मामले में सीबीआई ने छापेमारी की है उस समय पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव साल 2012 से 2013 तक यूपी के सीएम होने के साथ साथ खनन मंत्री भी थे। सीबीआई अफसरों के हवाले से आ रहे बयानों की बात करें तो इस मामले में अब अखिलेश यादव की भूमिका की भी जांच की जाएगी। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2016 में सपा सरकार के कार्यकाल में अवैध खनन और मनमाने तौर पर खदानों के पट्टे देने का मामला सीबीआई को सौंप दिया था। 

इस मामले में सीबीआई छापे के सियासी कनेक्शन की करें तो बी. चंद्रकला के साथ जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें बसपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित और दूसरे सपा के एमएलसी रमेश मिश्रा और उनके भाई दिनेश मिश्रा के ठिकानों पर छापेमारी की गई। वहीं संजय दीक्षित की मां माया दीक्षित के नाम मौरंग खनन के पट्टे थे। ये वही पट्टे हैं, जहां अवैध मौरंग खनन की कई शिकायतें मिली थीं।

 

 

दूसरी तरफ शुक्रवार को दिल्ली में जहां गठबंधन को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमों मायावती बैठक करते हैं और शनिवार की सुबह इसपर दोनों पार्टियों के आलाकमान मुंहर लगाते हुए 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं तो वहीं शनिवार को ही दोपहर होते-होते यूपी के कई ठिकानों पर धड़ाधड़ सीबीआई के छापे पड़ने लगे। जिसमें अखिलेश यादव के विधायक रमेश मिश्रा और उनके भाई दिनेश कुमार को आरोपी बनाया। वहीं एक बसपा नेता को भी सीबीआई ने अपने अंटे में ले लिया। माना जा रहा है कि खनन मामले में अखिलेश से पूछताछ होती है तो उनका नाम सीबीआई की लिस्ट में नए सिरे से दर्ज हो सकता है। 

 

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