प्रदेश सरकार के दो सालों में जनता का हुआ उत्पीड़न: अनिल दुबे

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लखनऊ। योगी सरकार का 2 वर्ष का कार्यकाल नाकामी और प्रदेश की जनता के उत्पीड़न का ऐतिहासिक चर्चा का कहा जायेगा। यह बातें राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने कही। उन्होंने कहा कि विगत 2 वर्षों में किसानों का उत्पीड़न चरम सीमा पर रहा। धान और आलू किसानों के साथ साथ गन्ना किसानों की दुर्दशा ही इस सरकार का रिपोर्ट कार्ड है। खाद और बीज की मंहगाई का दंश झेलकर किसानों ने अपनी फसले तैयार की और सारी रात बचाने के बावजूद पलक झपकते ही जानवरों का शिकार हो गयी।

उन्होंने कहा कि गन्ना किसान अपनी पर्चियों के लिए परेशानी झेलता हुआ अपने हजारों करो रुपए बकाया भुगतान के लिए ठोकरे खा रहा है। योगी सरकार अपनी पीठ थपथपाते हुये अपनी कुशलता का प्रमाण पत्र स्वयं तैयार किये बैठी है। इसे केवल सत्ता का नशा ही कहा जायेगा। श्री दुबे ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के नाम पर सत्ता में आयी सरकार के कार्यकाल में छात्राओं एवं महिलाओं के मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न के साथ साथ बलात्कार और दरिंदगी जेसी घटनाएं सरकार के मुंह पर बदनुमा दाग है।

उन्होंने कहा कि बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की छात्राओं पर पुलिसिया लाठीचार्ज की घटना ने विश्व भर में उत्तर प्रदेश का सिर नीचा किया है। आंगनबाडी कार्यकत्रियों पर कई बार पुलिसिया लाठीचार्ज इस बात का प्रमाण है कि सरकार महिलाओं के प्रति कितना संवेदनशील है। सरकार द्वारा बनाया गया एण्टी रोमियों स्क्वाड निरन्तर सोता रहा और छात्राएं शोहदों के डर से कालेज जाना छोड़ती रही है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा और स्वास्थ की दृष्टि से सरकार की नाकामी के प्रमाण समय समय पर सामने आते रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौनिहालों की शिक्षा व्यवस्था में अब तक शिक्षकों की नीतियां न हो पाना और दोनो शैक्षिक सत्रों में आधा सत्र बीत जाने के बाद ड्रेस और किताबों का वितरण सरकार की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में तीन दिन में 63 दुधमुहें बच्चे मौत का शिकार हो गये। स्वास्थ्य मंत्री का बयान आया कि जुलाई अगस्त में सबसे ज्यादा मौते होती ही हैं।

उन्होंने कहा कि संगठित अपराधियों ने सरकार को ठेंगा दिखाते हुये जहरीली शराब पिलाकर एक ही महीने में 50 से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुला दी। बुलंदशहर में शखा की वर्दी पहने इंस्पेक्टर का कत्ल लखनऊ में सिपाही द्वारा विवेक तिवारी की हत्या और फर्जी इन्काउन्टर इस सरकार की उपलब्धियां हैं। गड्ढामुक्त सडकों का वादा करने वाली सरकार के राज में बनारस तक जाने वाली सड़क पर तारकोल और रोडी नहीं है। अस्पतालों से मरीजों को स्ट्रेचर आदि न मिलना सम्पूर्ण स्वास्थ व्यवस्था का उपहास है। युवाओं को रोजगार के नाम पर लाठियां भांजी गयी है। कुल मिलाकर योगी सरकार का 2 वर्षीय कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड निराशापूर्ण ही रहा। 

 

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