...तो क्या जम्मू कश्मीर में बन जाएगी कांग्रेस गठबंधन की सरकार, बन रहा ये समीकरण!

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जम्मू। जम्मू कश्मीर में बीजेपी के समर्थन वापस लेने के बाद सरकार गिर गई थी। इसके बाद यहां राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया था। अब राज्यपाल शासन समाप्त होने का समय आ रहा है। जिसको लेकर राज्य में सरकार बनाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। यहां सरकार बनाने को लेकर कांग्रेस-NC-पीडीपी में बातचीत शुरु हो गई हैं। पहीं, बीजपी ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित करार दिया है। बताते चलें कि अब तक कयास लगाए जा रहे थे कि सज्जाद लोन और बीजेपी के बीच गठबंधन हेााग। लेकिन कांग्रेस, पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) और नेशनल कॉन्फ्रेंस में वार्ता होने के बाद अब सरकार बीजेपी के पाले से दूर जाता दिखाई दे रहा है।

 


दुबई में रच रहे साजिश


बताते चलें कि पूर्व डिप्टी सीएम कवींद्र गुप्ता ने एनसी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि दुबई में साजिश रची गई है कि बीजेपी सरकार नहीं बनाने पाए। इसलिए सराकर बनाने के लिए बीजेपी को दूर ही रखा जाए। यह सब पाकिस्तान प्रायोजित है। गुप्ता के इस आरोप से सियासी हलचल और भी बढ़ गई है। इन तीन दलों के गठबंधन से यदि सरकार बनती है, तो यह जनता के साथ सिर्फ धोखा होगा।

 

एकजुट होकर बनाएंगे सरकार


सरकार बनाने के लिए पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सरकार बनाने को लेकर बातचीत की। नेताओं ने कहा हम सब एकजुट होकर सरकार बनाएगे तो सही होगा। फिलहाल अभी कई ऐसे और भी मुद्दें हैं, जिन पर गहनता से बातचीत होगी। चूंकि इस फैसले पर जल्दबाजी में लिया गया निर्णय भी मुश्किल भरा हो सकता है। खबर है कि कांग्रेस के प्रभारी महासचिव अम्बिका सोनी ने एक पैनल का कठन किया है। इस पैनल का गठन कश्मीर में प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता के नेतृत्व में हुआ है। सोनी के द्वारा गठित यह पैनल ही  उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती से बातचीत कर रहा है। बताते चलें कि आगामी 23 नवंबर को जम्मू और कश्मीर के 50 नेताओं को दिल्ली में बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है। बताया जा रहा है कि यह अहम बैठक पंजाब भवन में की जाएगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।

 


ये है समीकरण


बताते चलें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 89 सीटे हैं। यहां दो सदस्यों को मनोनीत किया जाता है। ऐसे में सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत प्राप्त करने के लिए 44 सीटों की जरूरत होगी। जिस खेमे में 44 विधायक चले जाएंगे उस पाटी की सरकार बन जाएगी। यहां के वर्तमान हालात पर गौर किया जाए तो पीडीपी के पास 28 और बीजेपी के पास 25 सीटें है। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस में 15 और कांग्रेस के पास 12 सीटे हैं। कुल मिलाकर यदि तीनों पार्टियों की सीटों को जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा 55 तक पहुंच रहा है। ऐसे में कांग्रेस, एनसी और पीडीपी गठबंधन करते हैं, तो सरकार आसानी से बन जाएगी।

 

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