योगी ने शिवपाल को सौंपा माया महल

Foto

राजनीति के समाचार/political news

भाजपा के शिवपाल प्रेम को लेकर यूपी के सियासी हलके में भूचाल

 

लखनऊ। सपा से बागी होकर अपना अलग मोर्चा बनाने वाले चाचा शिवपाल पर योगी सरकार काफी मेहरबान हो गई है। चंद दिनों पहले उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या द्वारा भाजपा में उनके मोर्चे के विलय के प्रस्ताव को खारिज कर चुके शिवपाल को अब योगी सरकार ने बसपा प्रमुख मायावती का आलीशान बंगला आवंटित कर दिया है। इसके बाद भाजपा के शिवपाल प्रेम को लेकर यूपी के सियासी हलकों में आज चर्चाओं का बाजार गर्म है। 

बता दें कि शिवपाल ने योगी सरकार से उन्हे बड़ा बंगला आवांटित किये जाने का आवेदन किया था जिस पर राज्य संपत्ति विभाग ने सीएम की स्वीकृति के बाद 6 एलबीएस वाला बंगला शुक्रवार को उन्हे आवांटित कर दिया।

 

यह भी पढ़ें:   मुलायम ने शिवपाल के साथ मंच साझा कर फिर तेज की राजनीतिक हलचल

 

सपा के पूर्व नेता शिवापाल पर पहले भी योगी प्रेम के आरोप लगते रहे हैं और अब उन्हे पूर्व सीएम मायावती के द्वारा खाली किया गया कार्यालय आवास के रूप में आवांटित किये जाने के बाद एक बार फिर से राजनीति हल्कों में शिवपाल की बीजेपी के साथ नजदीकियों की चर्चा तेज हो गयी है।

बता दें कि अभी कुछ समय पूर्व शिवपाल यादव ने अचानक सीएम योगी के एनेक्सी स्थित कार्यालय पंहुच कर उनसे मुलाकात की थी जिस पर उन्होने हवाला दिया था कि वे प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सीएम से मिले थे।

शिवपाल की सपा के पूर्व महासचिव अमर सिंह से दोस्ती जग जाहिर है और ऐसा माना जाता है कि अमर की बीजेपी से करीबी ने शिवपाल की भी नजदीकियां बीजेपी से बढ़ा दी थीं लेकिन शिवपाल ने बाद में अपना अलग दल बनाकर सभी अटकलों को खारिज कर दिया था।

 

यह भी पढ़ें:   लोकसभा चुनाव के लिए घर घर से चंदा मांगेंगे आप कार्यकर्ता

 

अब जब अचानक प्रदेश की योगी सरकार शिवपाल पर मेहरबान हो गयी है तो उसके मयाने फिर राजनीतिक गलियारों में निकाले जाने लगे हैं।
हालाकि शिवपाल ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि वे पांच बार के विधायक हैं और कई बार कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं इसी को लेकर उन्होने सरकार से बड़े बंगले के लिए आवेदन किया था जिस पर उन्हे ये बंगला आवांटित किया गया है।

शिवपाल ने बंगला आवांटित होने के बाद उसका निरीक्षण भी किया। वहीं सरकार की तरफ से इस पर कोई बयान नही जारी किया गया है कि उसके द्वारा आखिर किन परिस्थितियों में ये आवां​टन किया गया है?

leave a reply

राजनीति के समाचार

Live: ख़बरें सबसे तेज़

प्रमुख श्रेणी