आज से रमजान का पाक महीना शुरू  

Foto

      

Devotional/धर्मिक 

लखनऊ। रमजान का पाक महीना मंगलवार से शुरू हो गया है और आज पहला रोज़ा है, दरअसल, रमज़ान-उल-मुबारक के पाक महीने का चांद रविवार को नहीं दिखाई दिया, जिसके बाद 7 मई से रमज़ान शुरू होने का ऐलान कर दिया गया था, 30 दिनों के रोज़ों के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा।  

रमजान का पाक महीनें में मस्जिदों में पांच पारे से लेकर एक पारा तक तरावीह का इंतजाम किया गया है। जहां पर बड़ी संख्या में लोग तरावीह नमाज अदा करेंगे मंगलवार को पहला रोजा 15 घटें 11 मिनट का रहेगा। मोह रमजान मंगलवार से शुरू हो चुके हैं। लखनऊ के मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के मुताबिक सोमवार ईशा की नमाज के मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हुई। वहीं मौलाना सैफ अब्बास के मुताबिक माहे रमजान में बंदा अपने अल्लाह का मेहमान होता है। 

मोह रमजान में रोशन हो चुके हैं लखनऊ के बाजार   

मोह रमजान के पाक महीने में पुराने लखनऊ के बाजारों में रौनक आ चुकी है। खासतौर पर रमजान में खाने पीने के होटलों को सजाया जाना भी शुरू हो चुके हैं। बात दें कि मोह रमजान के पाक महीने में रमजान की चांद रात पर ही लखनऊ के बाजारों में रौनक दिखाई देना शुरू हो गई है।   

इस्लामी महीने शाबान का 30 वां दिन होगा और पहला रमज़ान

दिल्ली समेत देशभर में रविवार को रमज़ान का चांद नज़र नहीं आया, लिहाज़ा पहला रोज़ा मंगलवार को होगा दिल्ली की शाही फतेहपुरी मस्जिद के इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया कि रविवार शाम चांद कमेटी की बैठक हुई थी, जिसमें चांद दिखने की खबर कहीं से नहीं मिली। दिल्ली का आसमान साफ था फिर भी चांद नहीं दिखाउन्होंने बताया कि सोमवार को इस्लामी महीने शाबान का 30 वां दिन होगा और पहला रमज़ान 7 मई को होगा, यानी पहला रोज़ा मंगलवार को होगा।

पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद फिर शाम को रोजा (इफ्तार) खोलते हैं

जामा मस्जिद के इमाम अहमद बुखारी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, “दिल्ली और देश के अन्य हिस्से में चांद नही दिखा है और कहीं से चांद दिखने की गवाही भी नहीं आई है,” इमारत-ए-शरिया हिंद ने भी बयान जारी कर रविवार को चांद नहीं दिखाने और सात मई को पहला रोज़ा होने का ऐलान किया है।

रोज़े रखना इस्लाम के पांच स्तंभ में से एक है, हर सेहतमंद इंसान का रमज़ान के रोज़े रखना फ़र्ज़ है, पूरे महीने रोज़े के बाद जो ईद होती है उसे ईद-उल-फितर या मीठी ईद कहते हैं। रोज़ादार ईद के दिन नमाज से पहले गरीबों में फितरा बांटा जाता है।रोजा रखने के लिए मुस्लिम लोग सुबह सूर्योदय से पहले सेहरी खाते हैं, पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद फिर शाम को रोजा (इफ्तार) खोलते हैं, पूरे दिन 5 वक्त की नमाज अदा करते हैं, बता दें, रमजान के इस पाक महीने को नेकियों का महीना भी कहते हैं।    

यह भी पढ़ें : यह सरकार बीएसएफ के एक जवान से परेशान हो गई, अखिलेश यादव

यह भी पढ़ें : पांचवें चरण के मतदान सम्पन्न, जानें, कहां किनते फीसदी पड़े वोट

 

leave a reply

धर्म

Live: ख़बरें सबसे तेज़

प्रमुख श्रेणी