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इस मंदिर में होते है बाबा शिव के दो रूपों के दर्शन

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धर्म के समाचार

 

लखनऊ। बाबा शिव की भक्ति और शक्ति के विषय में सभी जानते है। बाबा अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाये रखतें है। पूरे भारत में बाबा शिव के अनेकों मंदिर है। मगर एक मंदिर ऐसा है जहां बाबा शिव के दो रूपों का दर्शन होता है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि जो भी भक्त यहां आकर बाबा के दर्शन करता है। उसके सारे कष्ट दूर हो जाते है।

 

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यह मंदिर गुजरात के नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। इस मंदिर परिसर में नीचे शिव भगवान दो रुपों में दर्शन देते हैं। इस मंदिर में दो नंदी भी है। नर्मदा नदी के किनारे बना औघड़दानी का यह मंदिर बहुत चमत्कारी है, यहां पर भोलेनाथ का वरदान है। यहा पर शिव के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रहती है। यहां पर शिव के एक रूप को धनेश्वर और दूसरे रूप को लुकेश्वर के नाम से जाना जाता है।

धनेश्वर महादेव की स्थापना स्वयं कुबेर ने की थी। कहते हैं रावण ने जब कुबेर से सोने की लंका छीन ली थी, तब कुबेर ने उसे वापस पाने के लिए भगवान शिव की तपस्या की। भोले भंडारी के उसी रूप को भक्त धनेश्वर के नाम से पूजते हैं। धनेश्वर महादेव के साथ ही विराजने वाले लुकेश्वर महादेव मंदिर भी उतना ही प्राचीन है।

 

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भस्मासुर नामक दैत्य ने महादेव को प्रसन्न कर एक वरदान प्राप्त किया था। वरदान  यह था कि वो जिसके भी सर पर हाथ रखेगा वह भस्म हो जाएगा। वरदान पाने के बाद भस्मासुर शिव के पीछे ही दौड़ पड़ा। तब भगवान खुद को बचाने के लिए इस नदी के पास झाड़ियों में छिप गए थे। तब भगवान विष्णु ने स्त्री रूप धारण कर छल पूर्वक भस्मासुर का हाथ उसी के ऊपर रखवा दिया। तब भस्मासुर अपने ही वरदान से भस्म होकर मर गया था। तब से भोले का यह रूप लुकेश्वर के नाम से जाना जाने लगा।

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