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अब पाकिस्तान को भी सुनाई देनी चाहिए पुलवामा धमाके की गूंज

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सरोकार/Concern

मामले को राजनीतिक रुप में नही बल्कि राष्ट्रीय मुद्दे के रुप में हल करे देश

विशाल मिश्रा

पुलवामा में जवानों पर हुआ आतंकी हमला बेहद हृदय विदारक होने के साथ ही चिंता का भी विषय है। आजादी के 70 सालों के बाद भी भारत को इन आतंकी हमलों के दंश से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। भुखमरी की कगार पर पंहुच चुका अदना सा पड़ोसी देश बार बार हमारे सब्र का गलत फायदा उठा रहा और हम हैं कि निंदा करने से आगे ही नहीं बढ़ पा रहे हैं।

जम्मू कश्मीर की धरती पर हुए आतंकी हमलों में ये हमला 20 सालों में दूसरा सबसे बड़ा हमला है। इसमे हमारे 40 जवानों की जाने गयीं हैं। इस हमले ने पूरे देश में शोक का माहौल बना दिया है। हर आंख में गम के आंसू के साथ ही चेहरे पर गुस्से की लाली है। देशभर की एकजुटता भी यह बता रही है कि अब समय आ गया है, इन नापाक हरकत करने वालों को ऐसा सबक सिखाया जाये कि दुनिया के सामने एक उदाहरण पेश हो। पूरी दुनिया को अब ये मालूम हो जाए कि भारत यदि सब्र करना जानता है, तो मुंह तोड़ जवाब देने का भी दम रखता है।


देश के जवानों के शहीद होने के बाद अब ये वक्त राजनीति से ऊपर उठकर सोचने का है। इस मामले को राजनीतिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय मुद्दे के रुप में लेकर हल करने का समय है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि इस समय देश का पीएम कौन है और उस समय कौन था। जब पहले हमला हुआ था। महत्वपूर्ण ये है कि देश का नुकसान, हमारी सेना का नुकसान, उन परिवारों का नुकसान हुआ है, जिन परिवारों से इन शहीद जवानों का रिश्ता था।

ये शहादत किसी एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे देश की है और अब ये व्यर्थ ना जाये इस ओर सरकार को कोई ठोस निर्णय लेना होगा। सोचना होगा कि फिर कोई जैश या फिर उसका मुखिया अजहर महमूद जैसा दुर्दान्त आतंकी भारत की ओर आंख उठा कर देखने की हिमाकात ना करने पाये। 

कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था और हमेशा रहेगा। उसे इस तरह की नापाक और कायरना हरकत भारत से अलग नही कर पायेंगीं। अब समय यह भी आ गया है कि भारत पाक का ये दुर्दान्त चेहरा पूरी दुनिया के सामने बेनकाब करे और दुनिया को बताये कि ये देश आंतकियों को संरक्षण देने वाला है।

यह सिर्फ भारत की सुरक्षा के लिहाज से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिहाज से खतरा है। पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित किया जाना चाहिए। 2016 में जब उरी में हुए हमले में 16 जवानों की जाने गयीं थीं, तो उस समय हमारी सेना ने सर्जिकल स्ट्राईक करके दुनिया को बता दिया था कि भारत इस तरह के हमलों का जवाब हर स्तर पर देने में हर तरह से सक्षम है। सुधर जाओं नही तो हम घर मे घुस कर मारने का दम रखते हैं।

अब वो समय आ गया है, सेना अपने स्तर पर इसका ऐसा जवाब दे कि आने वाले कई दशकों तक पाक में पल रहे आतंकियों व उनकी आने वाली पुश्तें भी ऐसी हिमाकत करना तो दूर इस बारे में सोचने तक की हिम्मत ना कर सकें। हालांकि, राहत वाली बात यह है कि सरकार ने इस बार निंदा करने से आगे बढ़ने के भी संकेत दिये हैं और ऐसा लग रहा है कि सेना के काम में कोई बाधा नहीं आयेगी।

पुलवामा में हुए धमाके की जो आवाज जम्मू कश्मीर के साथ पूरे भारत ने सुनी है, उसकी गूंज अब पाकिस्तान तक सुनाई देनी चाहिए। मैं मीडिया से भी उम्मीद करता हूं कि वो टीआरपी के चक्कर में अपनी सेना की कार्ययोजना को जाहिर नही करेगी। ताकि सेना अपने मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे सके।

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