अधिवक्ताओं ने भी खोला केंद्र-राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा

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रामचंद्र

गोरखपुर। केंद्र और राज्य सरकार के बजट घोषणा के बाद अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं ने डीएम कार्यालय पर पहुंचकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को द्वारा जिलाधिकारी के छुट्टी पर रहने के कारण सिटी मजिस्ट्रेट/ एडीएम सिटी अजीत कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा।


संयुक्त मोर्चा खोला


हाथों में तख्तियां लेकर दीवानी कलेक्ट्रेट आरटीओ इनकम टैक्स और सेल टैक्स के अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार ने बजट में कहीं भी अधिवक्ताओं को किसी भी प्रकार से कोई लाभ नहीं दिया। जबकि केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों ही सरकारों ने चुनाव से पहले अधिवक्ताओं से वादा किया था कि सरकार में आने के बाद हम अधिवक्ताओं को तमाम सरकारी योजनाओं में शामिल करेंगे और अधिवक्ताओं के लिए अलग से अन्य राज्यों की तरह बजट का प्रावधान लाएंगे। लेकिन दोनों ही बजटों में अधिवक्ताओं को छला गया है। उनके साथ दोहरी नीति अपनाई गई है। इसे अधिवक्ता कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। अधिवक्ता अपनी लड़ाई के लिए अब सड़कों पर उतर चुके हैं।


सरकार ने किया वादा खिलाफी


उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य एडवोकेट मधुसूदन त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार ने अधिवक्ताओं को छलने का काम किया है। दोनों ही सरकारों ने चुनाव से पहले अधिवक्ताओं से यह वादा किया था कि सरकार की तमाम सरकारी योजनाओं में अधिवक्ताओं को बराबर का लाभ मिलेगा। चाहे वह आवाज को, जमीन हो, शौचालय हो या फिर अधिवक्ताओं के लिए जीवन बीमा की योजना हो। लेकिन किसी भी योजना में अधिवक्ताओ को सरकार की तरफ से कोई लाभ नहीं दिया जा रहा है। हमें उम्मीद थी कि सरकार बजट में किसी न किसी योजनाओं में हमें जोड़कर लाभ देगी। लेकिन सरकार ने अधिवक्ताओं से वोट लेकर उनके साथ वादा खिलाफी किया है। अधिवक्ता अब सड़कों पर उतर चुके हैं और अपना हक लेकर रहेंगे।

 

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