आवारा पशुओं के रख-रखाव एवं सुरक्षा मात्र खानापूर्ति, प्रशासन मौन

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रामचंद्र

गोरखपुर। आवारा पशुओं के आतंक से परेशान गांव के किसान जब  रबी फसल की सुरक्षा के लिए प्रशासन से मांग करना शुरू किया तब प्रशासन मौन रहा। लेकिन यह मांग जब उग्र ढंग से की जाने लगी तो प्रशासन की कुंभकरणी नींद टूटी और ग्राम पंचायत, राजस्व विभाग, पशुधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी निराश्रित गोवंश के आश्रय स्थल के निर्माण कराने में जुट गये। इसी क्रम में नगर पंचायत बांसगांव के वार्ड संख्या 2 बड़ाबन के पुराने काजी हाउस जिसकी व्यवस्था जिला पंचायत के जिम्मे है। यहां व्यवस्थाएं शुरु हो सकी। साथ ही अधिकारियों ने स्थानीय निवासी जामवंत सिंह तथा राजेश सिंह को पशुओं की देख रेख का जिम्मा सौंपा।


पशुओं का प्रबंध


इन जिम्मेदार लोगों ने काजी हाउस की टूटी दीवार को बास से घेरकर पशुओं को सुरक्षा दी। वहीं, हैंडपंप लगाकर पीने के पानी का प्रबंध किया तथा भूसा और पुआल की भी व्यवस्था की आमी नदी स्थित ताल से 40 छूटटा बछड़ों को इस स्थान पर रखा गया है। पशु आसरा पर कुछ दिनों पूर्व यहां हुई बारिश तथा प्रसाशनिक शिथिलता ने इस जगह की स्थिति विकराल और भयावह कर दी है।


जल्द सही होगी व्यवस्थाएं


यहां जल जमाव के कारण दिन में पशुओं का उठना तथा बैठना मुश्किल हो गया है। जल भराव के कारण रात में ठंड का भी सामना करना पड़ रहा है। जिससे पशुओं का जीवन कष्टमय हो गया है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी महोदय से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन की ओर से जिम्मेदारों को इस संबंध में आदेश दे दिए गए हैं। जल्द यहां की व्यवस्था बेहतर नजर आएगी।

 

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