मूल्यपरक शिक्षा से ही होगा बच्चों का विकास: प्रो सिंह 

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अभय पांडेय

गोरखपुर। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी द्रौपदी देवी विंध्याचल पीजी कॉलेज अहिरौली में वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। आयोजन में बच्चों ने अपने अंदर की छिपी हुई कला का रंग लोगों पर इस तरह बिखेरा जिससे लोग मस्त मगन हो गए। आयोजन के उपलक्ष्य में महाविद्यालय ने इस वर्ष के मेधावियों को सम्मानित भी किया गया। वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के कुलपति प्रोफेसर के. एन. सिंह व विशिष्ट अतिथि के रूप में सहजनवां विधानसभा के बीजेपी पार्टी से विधायक शीतल पांडेय जी ने शिरकत की।

 

 

छात्रों का भविष्य शिक्षक

 

शीतल पांडेय ने कहा कि विद्यालय एक कारखाने की भांति है। जहां ये बच्चे कच्चे माल की तरह आते हैं और विद्यालय में शिक्षक उन्हें कम्पलीट प्रोडक्ट बना देते हैं। विधायक ने विस्तार पूर्वक बताया कि बच्चे फूल की छोटी कलि हैं और ये शिक्षक सूर्य के जैसे हैं। जो इस कली को अपने तेज़ से अपने ज्ञान से पूरी तरह खिला देते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय बहुत लोग खोलते हैं। लेकिन ऐसी एरिया जहां पर कोई विद्यालय के लिए सोच ही नहीं सकता वहां महाविद्यालय के प्रबंधक व जंगल कौड़िया ब्लॉक के प्रमुख ने ये भी करके दिखाया है। 

 


शिक्षा का आधार मूल्यपरक


वहीं, मुख्य अतिथि कुलपति प्रो के एन सिंह ने शिक्षा का आधार मूल्यपरक होनी चाहिए। जिससे शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को सही ढंग से मार्गदर्शन मिल सके। प्रो सिंह ने विद्यार्थियों को कौशल विकास के द्वारा दिये जाने वाले शिक्षा की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिये प्रेरित किया। क्योंकि वर्तमान समय में इसी के द्वारा विद्यर्थियों का विकास संभव है। वहीं, अंत में विद्यालय के प्रबंधक को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि द्रौपदी देवी महाविद्यालय के होनहार बच्चे गोल्ड मेडलिस्ट हो रहे हैं, जो बहुत बड़ी उपलब्द्धि है। शिक्षा के महत्व को बताते हुए विधायक सहजनवा ने बताया कि ज्ञान जीवन का सबसे अनमोल रत्न है, जिसकी कीमत कभी कम नही हो सकती। यह इस ब्रह्माण्ड  का सब अमूल्य रत्न है।

 

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