मकर संक्रांति पर साधु संतो ने नहीं किया शाही स्नान

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रोहित रायल सिद्दीकी

फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया मिनी कुम्भ शुरू होने जा रहा है। शुरुरात होने से पहले सन्तों ने गंगा में गिरने वाले नाले को लेकर कई बार आवाज उठाई, लेकिन प्रशासन ने नाले को बंद करने को लेकर कोई भी पहल नहीं की। जिससे नजर होकर साधु संतो ने मकर संक्रांति पर शाही स्नान नहीं किया। साधु संतो का कहना है कि प्रयागराज में शाही स्नान में साधु संतो पर पुष्प वर्षा की जा रही और हम लोग गंदे पानी में स्नान करें ऐसा नहीं होगा। उद्धघाटन से पहले नाला बंद नही हुआ तो वह पुल पर अनशन करेंगे और रोड जाम करेंगे। 

 


20  फ़रवरी तक मेला 


फर्रुखाबाद के पांचाल घाट गंगा तट पर करीब पचास वर्षों से मेला लगता चला आ रहा है। इस माघ मेला में हजारो साधु सन्त व कल्पवासी गंगा स्नान करते हैं। पूरे शहर के नालों का पानी गंगा में गिरता है। इस बार 21 जनवरी से 20  फ़रवरी तक मेला लगना है। प्रशासन ने साधु संतो को मनाने की जहमत तक नहीं उठाई। जिससे साधु संतो में रोष है। केंद्र में भाजपा सरकार का पांच साल पूर्ण होने वाले है। इस समय प्रयागराज में कुम्भ मेले के बाद भी गंगा मैली की मैली दिखाई दे रही है।

 

 

ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया 


नाराज साधुओं ने कहा कि नालों पर कोई भी ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया गया है। दूसरी तरफ बड़े नालों के बाद गंगा के किनारे बसे दर्जनों गांवों की गंदगी गंगा में जा रही है। ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर कई सालों से आंदोलन चलाये जा रहे हैं। बहुत से समाजसेवी आमरण अनशन भी बैठे तो जिला प्रसाशन ने उनको उठाने के लिए बड़े बड़े वादे कर कुंभकरणी निंद्रा में सो गए। परिणाम ये रहा कि ट्रीटमेंट प्लांट नही लगाया जा सका। शहर में छपाई करने के सैकड़ों कारखाने चल रहे हैं, उनका रंगीन केमिकल्स युक्त पानी भी गंगा के जल में विष घोल रहा है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण विभाग के कर्मचारी जब भी कारखानों पर छापेमारी करते हैं। वह लोग अपनी अपनी जेब गर्म करने के बाद कोई कार्यवाही नहीं करते।

 

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