राजकिय बालिकागृह में किशोरी की संदिग्ध मौत

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डीपीओ ने की मैजिस्ट्रेट जांच की सिफारिश

लखनऊ। बालिका गृहों में संचालकों की लापरवाही की घटनाएं सामने आने के बाद सरकार के सख्त निर्देशाों के बाद भी अफसरों ने कोई सीख नही ली और राजधानी के मोती नगर स्थित बालिका गृह में एक किशोरी संदिग्ध अवस्था में मृत पायी गयी जिससे प्रशासन के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। ऐसा माना जा रहा है कि किशोरी की मौत भूख के कारण हुई है। किशोरी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है उसकी रिर्पोट आने के बाद ही स्​ििाति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी।

किशोरी की मौत के बाद हरकत में आये अधिकारियों ने डीपीओ को बालिका गृह का निरीक्षण करने को कहा। डीपीओ सुधाकर पाण्डेय ने बालिका गृह का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट डीएम कौशलराज शर्मा को सौंप दी है।

डीपीओं को निरीक्षण में कई खामियां मिली हैं जिसकी जानकारी उन्होने डीएम को अपनी रिपोर्ट मे दी है। मृत पायी गयी किशोरी को दिसम्बर में मोती नगर बालिका गृह में आश्रय दिलाया गया था। डीपीओ ने डीएम को सौंपी गयी अपनी रिपोर्ट में मैजिस्ट्रेट जांच की सिफारिश की है।

डीपीओ के अनुसार बाल कल्याण समिति बलरामपुर के द्वारा किशोरी को लखनऊ भेजा गया था। वह मानसिक रुप से बीमार थी जिसे उपचार के लिए बलरामपुर अस्पताल भेजा गया था जहां से उसे केजीएमयू रिफर कर दिया गया था।

कुछ समय वहां पर उपचार के बाद उसे स्वास्थ्य मानकर वापस बालिका गृह लाया गया तब से वह यहीं रह रही थी। ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि उसकी मौत सेप्टिसीमिया या भूख से हुई है। हालाकि प्रशासन अभी अधिकारिक रुप से इस पर कुछ बोलने को तैयार नही है उसका कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा उसके बाद ही आगे की कार्यवाई की जायेगी।
 

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