शहीद कौशल रावत के गम में डूबी ताजनगरी, परिजनों का बुरा हाल

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अर्पित शर्मा

आगरा। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादियों ने हमला बोल दिया। इसमें 42 जवान शहीद हो गए। शहीदों में ताज नगरी के थाना ताजगंज स्थित कहरई गांव के जवान कौशल कुमार रावत भी शामिल हैं। वहीं, जवान के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

 


115 बटालियन में तैनात


थाना ताजगंज के गांव कहरई निवासी कौशल कुमार रावत सीआरपीएफ के 115 बटालियन में तैनात थे। दरअसल, शहीद कौशल सन 1991 में सीआरपीएफ में सिपाही के पद पर तैनात हुए थे। 15 दिन पहले चिलीगुड़ी से श्रीनगर में पोस्टिंग हुई थी। रास्ते में बर्फ होने के चलते सभी जवान श्रीनगर में कैंप लगाकर रह रहे थे। गुरुवार को रास्ता खुलने के चलते सभी जवान बस द्वारा पुलवामा जा रहे थे। वहीं, जवान शहीद कौशल कुमार रावत के परिजनों का कहना है, बुधवार शाम को फोन पर वार्तालाप हुई थी। कौशल कुमार ने अपने भाई को फोन पर बताया कि मैं कल पहुंचने के बाद दूसरी सिम लेकर फोन करूंगा।

 


पार्थिव शरीर का इंतजार


जवान कौशल कुमार की पत्नी ममता रावत अपने दो बच्चे अभिषेक और विकास के साथ गुड़गांव में निवास करती हैं। बड़ा लड़का अभिषेक रसिया में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। माता पिता को कौशल कुमार के शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। माता पिता बेसुध हो गए। अब हर किसी को कौशल के पार्थिव शरीर का इंतजार है।

 

 

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